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रेलवे का 'ऑपरेशन ग्रीन कॉरिडोर': जब एक बच्ची को बचाने के लिए 260 KM तक नहीं रुकी सुपरफास्ट ट्रेन

रेलवे का 'ऑपरेशन ग्रीन कॉरिडोर': जब एक बच्ची को बचाने के लिए 260 KM तक नहीं रुकी सुपरफास्ट ट्रेन

भारतीय रेलवे के इतिहास में कई ऐसी घटनाएं दर्ज हैं जो रोंगटे खड़े कर देती हैं। ऐसी ही एक घटना साल 2020 में हुई, जब रेलवे प्रशासन ने एक मासूम बच्ची की सुरक्षा के लिए पूरी की पूरी ट्रेन को 'नॉन-स्टॉप' कर दिया। ललितपुर से भोपाल के बीच लगभग 260 किलोमीटर तक ट्रेन को एक भी सिग्नल पर रुकने नहीं दिया गया।


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इमेज केवल प्रतीकात्मक है, असली घटना का प्रत्यक्ष फोटो नहीं।

विवरण

जानकारी

ट्रेन का नाम

राप्तीसागर सुपरफास्ट एक्सप्रेस

रूट

ललितपुर (UP) से भोपाल (MP)

दूरी

लगभग 260 किलोमीटर

समय

अक्टूबर 2020

मुख्य उद्देश्य

3 वर्षीय बच्ची की सुरक्षा और रेस्क्यू

 


क्या थी पूरी घटना?

यह घटना 25 अक्टूबर 2020 की शाम की है और पूरा मामला राप्तीसागर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का है। रेलवे पुलिस (GRP) को सूचना मिली कि एक व्यक्ति एक 3 साल की बच्ची को जबरन अपने साथ लेकर ट्रेन में सवार हुआ है। पुलिस को शक था कि यह अपहरण (Kidnapping) का मामला है। चूंकि मामला एक मासूम की जान से जुड़ा था, इसलिए रेलवे ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता (Top Priority) दी।


ऑपरेशन 'ग्रीन कॉरिडोर' का निर्माण

जब पुलिस को लोकेशन का पता चला, तब ट्रेन उत्तर प्रदेश के ललितपुर स्टेशन से निकल चुकी थी। अगला बड़ा स्टेशन भोपाल था। जिसकी दूरी 240 से 260 किलोमीटर है । रेलवे अधिकारियों ने तुरंत एक साहसिक फैसला लिया:

·         नॉन-स्टॉप रन: ललितपुर से भोपाल के बीच आने वाले सभी छोटे स्टेशनों और हॉल्ट्स को निर्देश दिया गया कि ट्रेन कहीं भी नहीं रुकनी चाहिए।

·         सिग्नल प्राथमिकता: पूरे रास्ते के सभी सिग्नल्स को 'ग्रीन' रखा गया। मालगाड़ियों और अन्य पैसेंजर ट्रेनों को लूप लाइन पर खड़ा कर दिया गया ताकि राप्तीसागर एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ्तार से दौड़ सके।

·         कंट्रोल रूम की निगरानी: झाँसी और भोपाल मंडल के कंट्रोल रूम पल-पल की जानकारी ले रहे थे ताकि अपराधी को भागने का कोई मौका न मिले।


भोपाल स्टेशन पर सफल ऑपरेशन

लगभग 3-4 घंटे की इस नॉन-स्टॉप दौड़ के बाद जैसे ही ट्रेन भोपाल स्टेशन पहुंची, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने कोच को चारों तरफ से घेर लिया। संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया।


फैक्ट चेक का नतीजा

यह समाचार कई सारे मीडिया ने कवर किया था जैसे:

o   India Today: "Train runs non-stop for 240 km from Lalitpur to Bhopal to rescue 'kidnapped' 3-year-old" (29 अक्टूबर 2020)सोर्स:

o   The Hindu: "Train runs non-stop from UP's Lalitpur to Bhopal to rescue 'kidnapped' girl" (27 अक्टूबर 2020)सोर्स:

o   ABP Live: "3 साल की मासूम बच्ची को बचाने के लिए ललितपुर से भोपाल तक नॉन स्टॉप दौड़ती रही ट्रेन" (26 अक्टूबर 2020)सोर्स:

o   Jagran: "बच्ची को अपहर्ता से बचाने के लिए राप्ती सागर एक्सप्रेस को नॉन स्टॉप 260 किलोमीटर दौड़ाया गया।" Source:

बाद में जांच में पता चला कि वह व्यक्ति बच्ची का पिता ही था, जो अपनी पत्नी से झगड़ा करके बच्ची को बिना बताए ले जा रहा था। हालांकि मामला पारिवारिक था, लेकिन रेलवे की इस मुस्तैदी ने साबित कर दिया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे किसी भी हद तक जा सकती है।

 


 


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